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भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह

घुटने की चोट के बाद ऋषिकांत को करीब एक महीने के पुनर्वास की सलाह

नई दिल्ली। एशियाई खेलों से पहले भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह घुटने की चोट के चलते महाद्वीपीय खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वह एशियाई खेलों के लिए चुनी गई भारतीय टीम में शामिल एकमात्र पुरुष वेटलिफ्टर थे। उनके बाहर होने से पुरुष वर्ग में भारत की चुनौती कमजोर हुई है।

मणिपुर के रहने वाले ऋषिकांता 60 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें हाल ही में घुटने की चोट की समस्या हुई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच कराई गई। जांच के बाद उन्हें करीब एक महीने के पुनर्वास की सलाह दी गई है। ऐसे में एशियाई खेलों तक उनके पूरी तरह फिट होने की संभावना नहीं है।

राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भी लगी थी चोट

ऋषिकांत की चोट की समस्या नई नहीं है। जुलाई में ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों से करीब एक सप्ताह पहले भी उनके घुटने में चोट लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था।

भारतीय भारोत्तोलन महासंघ से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि ऋषिकांता एशियाई खेलों से पहले चोट से उबर जाएंगे। हालांकि, उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें पर्याप्त आराम और पुनर्वास की जरूरत है।

अब चार महिला वेटलिफ्टर पर रहेगी नजर

ऋषिकांत के बाहर होने के बाद एशियाई खेलों के लिए भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम में अब चार महिला खिलाड़ी ही रह गई हैं। इनमें टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू 49 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगी।

वहीं ज्ञानेश्वरी यादव 53 किलोग्राम, निरुपमा देवी 61 किलोग्राम और हरजिंदर कौर 69 किलोग्राम भारवर्ग में मैदान में उतरेंगी। ऋषिकांत की गैरमौजूदगी के बाद भारतीय टीम की उम्मीदें इन महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर काफी हद तक टिकी होंगी।

रिकॉर्ड के दम पर बनाई थी पहचान

ऋषिकांत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 55 किलोग्राम भारवर्ग से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने भारवर्ग बदला और 60-61 किलोग्राम वर्ग में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

2024 की राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 61 किलोग्राम वर्ग के स्नैच में 124 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद 2025 राष्ट्रमंडल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 120 किलोग्राम स्नैच, 151 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क और कुल 271 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।

कुल 271 किलोग्राम का उनका प्रदर्शन भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में जगह बनाई थी। अब चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर होना उनके साथ-साथ भारतीय टीम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।