उत्तराखंड

‘सख्ती से सेवा तक’— कांवड़ यात्रा में धामी सरकार की नीति पर श्रद्धालुओं ने लगाई मोहर

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा मार्गों पर FDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई कांवड़ियों व श्रद्धालुओं को

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उत्तराखंड

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, 39 सड़कें बंद

देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रहा है। राज्य के पर्वतीय जिलों में रविवार

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उत्तराखंड

पंचायत चुनाव में कर्मचारियों के वोट पर लगी रोक, चुनावी प्रतिशत पर असर की आशंका

उत्तरकाशी: इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अपने मताधिकार से वंचित रहना पड़ेगा। निर्वाचन

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उत्तराखंड

सीएम बोले, निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की ऊंचाइयों को छू रहा उत्तराखंड

देहरादून- इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह का स्वागत करते हुए

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उत्तराखंड

औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कारगर साबित होगा गृह मंत्री का दौरा- महाराज

निवेश गंतव्य के रूप में उबर कर सामने आ रहा है उत्तराखंड देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, पंचायतीराज, सिंचाई,

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राष्ट्रीय

‘घुसपैठ असम की जनसंख्या संतुलन बिगाड़ रही’– हिमंत बिस्व सरमा

असम-बंगाल के बीच घुसपैठ और भाषा को लेकर सियासी घमासान गुवाहाटी। असम और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों के बीच सियासी

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उत्तराखंड

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव- ड्यूटी पर तैनात 3395 कर्मचारी रहेंगे मताधिकार से वंचित

पोस्टल बैलेट की व्यवस्था नहीं, शिक्षक संघ ने की व्यवस्था की मांग उत्तरकाशी। उत्तरकाशी में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव

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राष्ट्रीय

“गठबंधन में एकता नहीं, सिर्फ सत्ता की होड़ दिखी” – उद्धव ठाकरेलोकसभा के बाद विधानसभा में भी बिखरी एमवीए, उद्धव ने बताई अंदरूनी खामियां मुंबई— महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गठबंधन की आंतरिक खींचतान और हालिया विधानसभा चुनावों में मिली हार को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो “साथ रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।” गठबंधन की एकता पर उठे सवाल ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन में हुई देरी को एमवीए की सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन मिलने के बावजूद गठबंधन दलों ने आपसी समन्वय पर ध्यान नहीं दिया और चुनाव में दलगत हितों की होड़ ने जनता को भ्रमित किया। “ऐसे ही चले तो जनता भरोसा खो देगी” – उद्धव ठाकरे उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट कहा कि अगर आगे भी यही रवैया जारी रहा तो जनता का भरोसा टूट जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान शिवसेना (यूबीटी) को कुछ ऐसी सीटें छोड़नी पड़ीं, जहां उसका मजबूत जनाधार था। “सीटों के चयन में हुई खींचतान और उम्मीदवारों को लेकर बनी असहमति ने संगठन की कमजोरी उजागर की,” ठाकरे ने जोड़ा। “अपनी गलतियां भी माननी होंगी” ठाकरे ने कहा कि गठबंधन सिर्फ चुनाव आयोग या ईवीएम पर दोष डालकर बच नहीं सकता। उन्होंने ‘लड़की बहन योजना’ जैसे घोषणापत्री वादों को भी हार का कारण बताया और कहा कि इससे मतदाता भ्रमित हुआ। उन्होंने कहा, “हमें आत्ममंथन करना होगा और अपनी गलतियां स्वीकारनी होंगी।” चुनाव नतीजों की हकीकत 2024 लोकसभा चुनाव में एमवीए ने महाराष्ट्र की 48 में से 30 सीटें जीती थीं, लेकिन विधानसभा चुनाव में बीजेपी, शिंदे गुट और अजित पवार गुट वाली महायुति ने भारी बहुमत हासिल किया। बीजेपी को 132, शिंदे की शिवसेना को 57 और एनसीपी (अजित पवार) को 41 सीटें मिलीं। दूसरी ओर, एमवीए को सिर्फ 46 सीटें ही मिल पाईं — जिसमें ठाकरे गुट को 20, शरद पवार को 16 और कांग्रेस को 10 सीटें मिलीं।

लोकसभा के बाद विधानसभा में भी बिखरी एमवीए, उद्धव ने बताई अंदरूनी खामियां मुंबई— महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनाव

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